नेपाल के रसुवा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है।
बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस जलप्रलय में 95 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 142 भारतीय नागरिक भी शामिल होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे थे। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, कुल 384 पंजीकृत यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।


बाढ़ की चपेट में आने से नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों में भारी नुकसान हुआ है। करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं और कई पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
वहीं, नेपाल के सुरक्षाकर्मियों के भी लापता होने की खबर है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बाढ़ की भयावहता साफ दिखाई दे रही है, जहां लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आ रहे हैं।
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नारायणी यानी गंडक नदी में अगले 24 से 48 घंटे के भीतर पानी का डिस्चार्ज बढ़ने की आशंका जताई गई है।
तटवर्ती इलाकों में एसडीआरएफ और पीएसी को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज, कुशीनगर,
सिद्धार्थनगर और गोरखपुर समेत संबंधित जिलों में जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।





